Day 8 candlestick Pattern
शेयर बाज़ार में कीमतों की चाल किसी कहानी की तरह होती है, और कैंडलस्टिक चार्ट इस कहानी को पढ़ने का सबसे सशक्त तरीका है। एक एक कैंडल बाज़ार के उस विशेष समय में खरीदारों और विक्रेताओं के बीच हुई जंग की कहानी कहती है। आज के दिन के पाठ में, हम इसी भाषा को बारीकी से सीखेंगे।
एकल कैंडलस्टिक पैटर्न: बाज़ार के मूड का संकेत
ये पैटर्न सिर्फ एक ही कैंडल में बनते हैं और तत्काल बाज़ार मनोविज्ञान दिखाते हैं।
| पैटर्न का नाम | दिखावट (मोटा-मोटा) | बनने की शर्तें | मनोविज्ञान और संकेत | मजबूती की जाँच |
|---|---|---|---|---|
| मारूबोजू (Marubozu) | लंबी बॉडी, बिना या नगण्य बत्ती (विक/शैडो)। | ओपन = लो (बुलिश), या क्लोज = हाई (बुलिश)। ओपन = हाई (बेयरिश), या क्लोज = लो (बेयरिश)। | बुलिश: खरीदारों का पूरा दबदबा। बेयरिश: विक्रेताओं का पूरा दबदबा। | बनने के बाद अगली कैंडल की दिशा देखें। |
| डोजी (Doji) | बहुत छोटी या नगण्य बॉडी, लंबी बत्तियाँ हो सकती हैं। | ओपन और क्लोज लगभग एक समान। | खरीदार और विक्रेता बराबर हैं। अनिर्णय, संभावित ट्रेंड बदलाव। | पहले के ट्रेंड और स्थान (टॉप/बॉटम) पर निर्भर। |
| हैमर (Hammer) | छोटी बॉडी, लंबी लोअर शैडो, ऊपरी शैडो नहीं या बहुत छोटी। | डाउनट्रेंड में बनता है। | बुलिश रिवर्सल: तेज गिरावट के बाद खरीदारों ने वापस ऊपर खींचा। | अगली कैंडल का ऊपर बंद होना कन्फर्मेशन है। |
| हैंगिंग मैन (Hanging Man) | हैमर जैसा दिखता है, लेकिन अपट्रेंड के टॉप पर। | अपट्रेंड में बनता है। | बेयरिश रिवर्सल: तेज रैली के बाद विक्रेता दिखाई दिए। | अगली कैंडल का नीचे बंद होना बिकवाली की पुष्टि है। |
| शूटिंग स्टार (Shooting Star) | छोटी बॉडी, लंबी अपर शैडो, लोअर शैडो नहीं। | अपट्रेंड के टॉप पर। | बेयरिश रिवर्सल: कीमत ऊपर भागी लेकिन विक्रेताओं ने नीचे गिरा दिया। | अगली कैंडल का नीचे बंद होना जरूरी। |
| इनवर्टेड हैमर | हैमर जैसा, लेकिन लंबी शैडो ऊपर। | डाउनट्रेंड के बॉटम पर। | बुलिश रिवर्सल: खरीदारों ने ऊपर धकेला लेकिन पकड़ नहीं बना पाए। | अगली कैंडल का ऊपर बंद होना खरीदारी दिखाता है। |
| स्पिनिंग टॉप (Spinning Top) | छोटी बॉडी, दोनों तरफ मध्यम लंबाई की बत्तियाँ। | कहीं भी बन सकता है। | खरीदार-विक्रेता संघर्ष, अनिर्णय। दिशा तय नहीं। | संदर्भ और आगे की कैंडल पर निर्भर। |
प्रैक्टिकल उदाहरण: मान लीजिए एक शेयर लगातार गिर रहा है और ₹100 के स्तर पर एक हैमर कैंडल बनाता है। इसका मतलब है कि उस दिन कीमत ₹100 से नीचे तक गिरी (लंबी लोअर शैडो), लेकिन खरीदारों ने इसे वापस खींचकर ₹101 पर बंद किया (छोटी बॉडी ऊपर)। यह एक संभावित रुकावट या उलटफेर का संकेत है। अगली कैंडल का ₹102 पर बंद होना इस संकेत को पुष्ट करेगा।
बहु-कैंडलस्टिक पैटर्न: बाज़ार की लड़ाई की कहानी
ये पैटर्न दो या तीन कैंडल्स से मिलकर बनते हैं और बाज़ार में हो रहे शक्ति परिवर्तन को बेहतर ढंग से दर्शाते हैं।
1. बुलिश एंगल्फिंग (Bullish Engulfing):
- कैसे बनता है: डाउनट्रेंड में, पहली कैंडल एक छोटी बेयरिश (लाल) कैंडल होती है। दूसरी कैंडल एक बड़ी बुलिश (हरी) कैंडल होती है जो पिछली कैंडल की पूरी बॉडी को अपने अंदर समा लेती है (ओपन पिछले क्लोज से नीचे, क्लोज पिछले ओपन से ऊपर)।
- मनोविज्ञान: पहले दिन विक्रेता कमजोर थे (छोटी लाल कैंडल)। अगले दिन खरीदारों ने इतनी जोरदार एंट्री ली कि उन्होंने पिछले दिन के सारे विक्रेताओं को पूरी तरह हरा दिया और कीमत को पिछली शुरुआत से भी ऊपर ले गए। यह मजबूत बुलिश उलटफेर का संकेत है।
2. बेयरिश एंगल्फिंग (Bearish Engulfing):
- कैसे बनता है: अपट्रेंड में, पहली कैंडल एक छोटी बुलिश (हरी) कैंडल होती है। दूसरी कैंडल एक बड़ी बेयरिश (लाल) कैंडल होती है जो पिछली हरी कैंडल को पूरी तरह ढक लेती है (ओपन पिछले क्लोज से ऊपर, क्लोज पिछले ओपन से नीचे)।
- मनोविज्ञान: अपट्रेंड के आखिर में खरीदार थक चुके होते हैं (छोटी हरी कैंडल)। अगले दिन नए विक्रेताओं का जबरदस्त हमला होता है जो कीमत को पिछले दिन की शुरुआत से भी नीचे धकेल देते हैं। यह तेजी से बेयरिश ट्रेंड शुरू होने का संकेत है।
3. मॉर्निंग स्टार (Morning Star) – बुलिश रिवर्सल:
- कैसे बनता है: यह तीन कैंडल्स का पैटर्न है जो एक मजबूत डाउनट्रेंड के बाद बनता है।
- पहली कैंडल: एक लंबी बेयरिश (लाल) कैंडल, जो डाउनट्रेंड की निरंतरता दिखाती है।
- दूसरी कैंडल: एक छोटी बॉडी वाली कैंडल (हरी या लाल) जो पहली कैंडल से नीचे गैप (Gap Down) के साथ खुलती है। यह अक्सर डोजी या स्पिनिंग टॉप जैसी दिखती है। यह अनिर्णय दिखाती है।
- तीसरी कैंडल: एक लंबी बुलिश (हरी) कैंडल जो दूसरी कैंडल की बॉडी के ऊपर गैप (Gap Up) के साथ खुलती है और पहली कैंडल के बीचों-बीच या उसके ऊपर बंद होती है।
- मनोविज्ञान: तेज गिरावट (पहली कैंडल) के बाद बाज़ार में डर का माहौल है (दूसरी कैंडल नीचे गैप के साथ)। लेकिन उसी दिन खरीदार वापस आने लगते हैं (छोटी बॉडी)। तीसरे दिन, खरीदारों का पूरा दबदबा हो जाता है और वे कीमत को बड़ी तेजी से ऊपर ले जाते हैं। यह बहुत मजबूत ट्रेंड रिवर्सल का संकेत है।
4. इवनिंग स्टार (Evening Star) – बेयरिश रिवर्सल:
- कैसे बनता है: यह मॉर्निंग स्टार का उलटा है और एक मजबूत अपट्रेंड के बाद बनता है।
- पहली कैंडल: एक लंबी बुलिश (हरी) कैंडल।
- दूसरी कैंडल: एक छोटी बॉडी वाली कैंडल जो पहली कैंडल से ऊपर गैप (Gap Up) के साथ खुलती है। यह भी अनिर्णय दिखाती है।
- तीसरी कैंडल: एक लंबी बेयरिश (लाल) कैंडल जो दूसरी कैंडल की बॉडी के नीचे गैप (Gap Down) के साथ खुलती है और पहली कैंडल के बीचों-बीच या उसके नीचे बंद होती है।
- मनोविज्ञान: तेज रैली (पहली कैंडल) के बाद उत्साह चरम पर है (दूसरी कैंडल ऊपर गैप के साथ)। लेकिन खरीदार थक चुके होते हैं और विक्रेता सक्रिय हो जाते हैं। तीसरे दिन विक्रेतों का दबदबा हो जाता है और भारी बिकवाली शुरू हो जाती है।
5. पियरसिंग पैटर्न (Piercing Pattern) और डार्क क्लाउड कवर (Dark Cloud Cover):
- पियरसिंग पैटर्न (बुलिश): डाउनट्रेंड में, पहली लंबी लाल कैंडल के बाद दूसरी हरी कैंडल ऐसे बंद होती है कि वह पहली कैंडल के बीच के 50% स्तर से ऊपर बंद होती है। यह एंगल्फिंग से कमजोर लेकिन फिर भी बुलिश संकेत है।
- डार्क क्लाउड कवर (बेयरिश): अपट्रेंड में, पहली लंबी हरी कैंडल के बाद दूसरी लाल कैंडल ऐसे बंद होती है कि वह पहली कैंडल के बीच के 50% स्तर से नीचे बंद होती है। यह बेयरिश एंगल्फिंग से कमजोर लेकिन चेतावनी भरा संकेत है।
कैंडलस्टिक्स को प्रभावी ढंग से उपयोग करने के नियम
- ट्रेंड का संदर्भ जरूरी है: कोई भी पैटर्न अपने आप में पूर्ण नहीं होता। हैमर पैटर्न तभी मान्य है जब वह एक डाउनट्रेंड के बाद बने। अपट्रेंड में बना हैमर बेकार है। बेयरिश एंगल्फिंग तभी काम करता है जब वह एक स्पष्ट अपट्रेंड के बाद बने।
- कन्फर्मेशन (पुष्टि) का इंतजार करें: किसी भी पैटर्न के बाद अगली कैंडल का पैटर्न की दिशा में बंद होना जरूरी है। उदाहरण के लिए, बुलिश एंगल्फिंग के बाद अगली कैंडल भी हरी हो और ऊपर बंद हो, तभी खरीदारी का आदेश देना चाहिए।
- सपोर्ट और रेजिस्टेंस के साथ कॉम्बिनेशन: कैंडलस्टिक पैटर्न तब और ज्यादा शक्तिशाली हो जाते हैं जब वे किसी प्रमुख सपोर्ट (नीचे के स्तर) या रेजिस्टेंस (ऊपर के स्तर) के पास बनते हैं। उदाहरण: अगर कोई शेयर ₹200 के प्रमुख सपोर्ट पर जाकर मॉर्निंग स्टार पैटर्न बनाता है, तो रिवर्सल की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
- वॉल्यूम (ट्रेड की मात्रा) की पुष्टि: किसी भी पैटर्न के बनते समय अगर वॉल्यूम औसत से अधिक हो, तो उस पैटर्न की विश्वसनीयता बढ़ जाती है। खासकर एंगल्फिंग पैटर्न में तेज वॉल्यूम बहुत जरूरी है।
- समय-सीमा (टाइमफ्रेम) का चुनाव: छोटे टाइमफ्रेम (जैसे 5 मिनट, 15 मिनट) पर पैटर्न ज्यादा बनते हैं लेकिन उनमें “शोर” भी ज्यादा होता है। लंबी अवधि के निवेश या स्विंग ट्रेडिंग के लिए दैनिक (Daily) या साप्ताहिक (Weekly) चार्ट पर बने पैटर्न ज्यादा विश्वसनीय होते हैं। इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए 15-मिनट या 1-घंटे के चार्ट उपयुक्त हैं।
- अन्य टूल्स के साथ मिलाएँ: कैंडलस्टिक अकेले सर्वशक्तिमान नहीं है। इसे ट्रेंडलाइन, मूविंग एवरेज, RSI जैसे अन्य टेक्निकल इंडिकेटर्स के साथ मिलाकर उपयोग करने से सफलता की संभावना बहुत बढ़ जाती है। उदाहरण: अगर बुलिश एंगल्फिंग पैटर्न 50-दिन के मूविंग एवरेज के सपोर्ट पर बनता है और RSI भी ओवरसोल्ड (30 से नीचे) से ऊपर आ रहा है, तो यह बहुत मजबूत सेटअप है।
- जोखिम प्रबंधन हमेशा बरकरार: कोई भी पैटर्न 100% सही नहीं होता। हर ट्रेड के साथ स्टॉप लॉस जरूर लगाएँ। आमतौर पर, पैटर्न की निचली सीमा (लो) के थोड़ा नीचे स्टॉप लॉस रखा जा सकता है। पैटर्न की ऊँचाई के अनुसार टार्गेट भी तय करें।
निष्कर्ष: चार्ट की भाषा बोलना सीखें
कैंडलस्टिक विश्लेषण सीखना एक तकनीकी कौशल ही नहीं, बल्कि बाजार के मनोविज्ञान को पढ़ने की कला सीखना है। हर कैंडल, हर पैटर्न खरीदारों और विक्रेताओं के बीच चल रही लड़ाई का एक फ्रेम है। शुरुआत में साधारण पैटर्न जैसे मारूबोजू, एंगल्फिंग और डोजी पर ध्यान दें। पहले यह समझें कि वे क्यों और कैसे बनते हैं। जैसे-जैसे अभ्यास बढ़ेगा, आप चार्ट पर ये पैटर्न अपने आप दिखाई देने लगेंगे।
याद रखें, यह एक यात्रा है। एक दिन में महारत हासिल नहीं होगी। पुराने चार्ट्स पर अभ्यास करें, वर्चुअल ट्रेडिंग से शुरुआत करें, और सबसे जरूरी बात – अनुशासन और जोखिम प्रबंधन को कभी न भूलें। बाजार उन्हीं का सम्मान करता है जो उसकी भाषा समझते हैं और उसके रवैये का आदर करते हैं। कैंडलस्टिक्स आपको वही भाषा सिखाती हैं।